फिर उसी से प्यार 28
नायिका मजबूरी में नायक से कॉन्ट्रैक्ट शादी करती है। शादी के बाद नायक उसे लगातार अपमानित करता है और भावनात्मक रूप से तोड़ता रहता है। सात साल बाद, एक दर्दनाक सच सामने आता है—नायिका की एक गलती से एक मासूम की जान चली गई। अपराधबोध से टूटकर, वह खुद को सज़ा देने का फैसला करती है। लेकिन क्या यह अंत है, या यहीं से शुरू होगी एक नई कहानी—पछतावे, प्यार और दूसरी बार मिले मौके की?
नायिका मजबूरी में नायक से कॉन्ट्रैक्ट शादी करती है। शादी के बाद नायक उसे लगातार अपमानित करता है और भावनात्मक रूप से तोड़ता रहता है। सात साल बाद, एक दर्दनाक सच सामने आता है—नायिका की एक गलती से एक मासूम की जान चली गई। अपराधबोध से टूटकर, वह खुद को सज़ा देने का फैसला करती है। लेकिन क्या यह अंत है, या यहीं से शुरू होगी एक नई कहानी—पछतावे, प्यार और दूसरी बार मिले मौके की?