ताज का असली हकदार 03
बचपन में अपना परिवार खोकर गुलामी में बेच दिया गया नायक बड़ा होकर अपनी छिपी हुई शक्ति और असली पहचान का पता लगाता है। किस्मत उसे उसके नियत साथी और राजपरिवार तक ले जाती है, लेकिन षड्यंत्र, विश्वासघात और एक भयानक श्राप उसकी राह रोकते हैं। सच उजागर करते हुए वह अपने परिवार के हत्यारों से बदला लेता है, श्राप तोड़ता है और अंततः अपना खोया हुआ सिंहासन वापस हासिल करता है।
बचपन में अपना परिवार खोकर गुलामी में बेच दिया गया नायक बड़ा होकर अपनी छिपी हुई शक्ति और असली पहचान का पता लगाता है। किस्मत उसे उसके नियत साथी और राजपरिवार तक ले जाती है, लेकिन षड्यंत्र, विश्वासघात और एक भयानक श्राप उसकी राह रोकते हैं। सच उजागर करते हुए वह अपने परिवार के हत्यारों से बदला लेता है, श्राप तोड़ता है और अंततः अपना खोया हुआ सिंहासन वापस हासिल करता है।