एक चिकन लेग और हसीना फ़िदा 24
सत्ताईस साल की उम्र में, फ़ूड डिलीवरी करने वाले लिन शू के अंदर एक अजीबोगरीब 'स्वैग सिस्टम' सक्रिय हो गया—जब भी वह दूसरों के सामने कामयाबी से रौब झाड़ता या दिखावा करता, उसे इनाम मिलता था। लेकिन पूरे एक साल तक ब्लाइंड डेट्स से लेकर राह चलते अजनबियों तक, उसने हर मुमकिन कोशिश कर ली, पर उसकी हर तरकीब उलटी ही पड़ी। यहाँ तक कि मर्सिडीज़ की चाबी जैसा दिखने वाला उसका दिखावटी लाइटर भी एक सस्ता नकली माल साबित होकर पकड़ा गया था।
निराश होकर, लिन ने अपनी नाकामियों पर विचार करते हुए खुद के लिए चिकन लेग पीस वाली एक शानदार थाली मंगवाई। और तभी, एक चमत्कार हुआ! पास ही, भड़कीले रंगों में रंगे बालों वाली तीन अतरंगी युवतियाँ एक ही कटोरे से नूडल्स बांटकर खा रही थीं, क्योंकि उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वे और खाना खरीद सकें। वे लिन के उस 'बेहिसाब रौब' को देखकर पूरी तरह दंग रह गईं। सिस्टम ने तुरंत उसे लाखों रुपये नकद का इनाम दे दिया। उसी पल लिन को अहसास हुआ: ये अतरंगी और भड़कीले नौजवान ही उसकी नौटंकी और दिखावे के लिए एकदम मुफ़ीद दर्शक थे!
उस पल से, लिन की ज़िंदगी में एक ज़बरदस्त मोड़ आ गया। उसने लेम्बोर्गिनी दौड़ाकर इन अतरंगी नौजवानों के 'इलेक्ट्रिक बाइकर्स गैंग' को चुनौती दी और देखते ही देखते उनका भरोसा और वफ़ादारी जीत ली। एक क्लास रीयूनियन में, उसकी एक्स-गर्लफ्रेंड और एक रईसज़ादे ने उसका मज़ाक उड़ाया, तो उसने उनका मुँह बंद करने के लिए लाखों की कीमत वाला एक आलीशान वीआईपी सुइट बुक कर दिया। आखिरकार, उसने 'भटके हुए नौजवानों' की इस टोली को साथ लेकर 'जिंग्शी डिलीवरी कंपनी' की शुरुआत की, और बेहद प्रतिस्पर्धी फ़ूड डिलीवरी उद्योग में उनके तेज़-रफ़्तार स्कूटर स्टंट्स को अपनी सबसे बड़ी ताक़त बना दिया। महज़ एक महीने के भीतर, कंपनी लाखों का मुनाफा बटोरने लगी।
जब उसकी एक्स-गर्लफ्रेंड रोते-बिलखते हुए सुलह की भीख माँगने आई, तब तक लिन के दोनों तरफ रंगीन बालों वाली वे लड़कियाँ किसी ट्रॉफी की तरह उसकी बाहों से चिपकी हुई थीं। चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान लिए उसने अपना मशहूर जुमला दोहराया, "चुनाव तो बच्चे करते हैं—मुझे तो सब कुछ चाहिए!"
सत्ताईस साल की उम्र में, फ़ूड डिलीवरी करने वाले लिन शू के अंदर एक अजीबोगरीब 'स्वैग सिस्टम' सक्रिय हो गया—जब भी वह दूसरों के सामने कामयाबी से रौब झाड़ता या दिखावा करता, उसे इनाम मिलता था। लेकिन पूरे एक साल तक ब्लाइंड डेट्स से लेकर राह चलते अजनबियों तक, उसने हर मुमकिन कोशिश कर ली, पर उसकी हर तरकीब उलटी ही पड़ी। यहाँ तक कि मर्सिडीज़ की चाबी जैसा दिखने वाला उसका दिखावटी लाइटर भी एक सस्ता नकली माल साबित होकर पकड़ा गया था।
निराश होकर, लिन ने अपनी नाकामियों पर विचार करते हुए खुद के लिए चिकन लेग पीस वाली एक शानदार थाली मंगवाई। और तभी, एक चमत्कार हुआ! पास ही, भड़कीले रंगों में रंगे बालों वाली तीन अतरंगी युवतियाँ एक ही कटोरे से नूडल्स बांटकर खा रही थीं, क्योंकि उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वे और खाना खरीद सकें। वे लिन के उस 'बेहिसाब रौब' को देखकर पूरी तरह दंग रह गईं। सिस्टम ने तुरंत उसे लाखों रुपये नकद का इनाम दे दिया। उसी पल लिन को अहसास हुआ: ये अतरंगी और भड़कीले नौजवान ही उसकी नौटंकी और दिखावे के लिए एकदम मुफ़ीद दर्शक थे!
उस पल से, लिन की ज़िंदगी में एक ज़बरदस्त मोड़ आ गया। उसने लेम्बोर्गिनी दौड़ाकर इन अतरंगी नौजवानों के 'इलेक्ट्रिक बाइकर्स गैंग' को चुनौती दी और देखते ही देखते उनका भरोसा और वफ़ादारी जीत ली। एक क्लास रीयूनियन में, उसकी एक्स-गर्लफ्रेंड और एक रईसज़ादे ने उसका मज़ाक उड़ाया, तो उसने उनका मुँह बंद करने के लिए लाखों की कीमत वाला एक आलीशान वीआईपी सुइट बुक कर दिया। आखिरकार, उसने 'भटके हुए नौजवानों' की इस टोली को साथ लेकर 'जिंग्शी डिलीवरी कंपनी' की शुरुआत की, और बेहद प्रतिस्पर्धी फ़ूड डिलीवरी उद्योग में उनके तेज़-रफ़्तार स्कूटर स्टंट्स को अपनी सबसे बड़ी ताक़त बना दिया। महज़ एक महीने के भीतर, कंपनी लाखों का मुनाफा बटोरने लगी।
जब उसकी एक्स-गर्लफ्रेंड रोते-बिलखते हुए सुलह की भीख माँगने आई, तब तक लिन के दोनों तरफ रंगीन बालों वाली वे लड़कियाँ किसी ट्रॉफी की तरह उसकी बाहों से चिपकी हुई थीं। चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान लिए उसने अपना मशहूर जुमला दोहराया, "चुनाव तो बच्चे करते हैं—मुझे तो सब कुछ चाहिए!"