चैंपियन का पलटवार 38
नायक को उसके दत्तक भाई की साजिश में फँसाकर जेल भेज दिया जाता है और परिवार भी उसका साथ छोड़ देता है। मौत के बाद उसे पाँच साल पहले का दूसरा मौका मिलता है। इस बार वह अपमान सहने के बजाय अपने जुनून, रेसिंग, को चुनता है। अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर वह लगातार जीत हासिल करता है, दुश्मनों की चालों का पर्दाफाश करता है और अंततः विश्व चैंपियनशिप में देश का गौरव बनकर उभरता है।
नायक को उसके दत्तक भाई की साजिश में फँसाकर जेल भेज दिया जाता है और परिवार भी उसका साथ छोड़ देता है। मौत के बाद उसे पाँच साल पहले का दूसरा मौका मिलता है। इस बार वह अपमान सहने के बजाय अपने जुनून, रेसिंग, को चुनता है। अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर वह लगातार जीत हासिल करता है, दुश्मनों की चालों का पर्दाफाश करता है और अंततः विश्व चैंपियनशिप में देश का गौरव बनकर उभरता है।