बदला दूल्हा, फिर जीत 01
नायिका, एक सीईओ की पत्नी, अपनी खास खुशबू के कारण ईर्ष्या में अपनी चचेरी बहन द्वारा मार दी जाती है, लेकिन अपने विवाह के दिन ही उसे दूसरा जीवन मिल जाता है। चचेरी बहन के दबाव में वह दूल्हा बदलकर बीमार नायक से शादी कर लेती है। हैरानी की बात यह है कि शादी के बाद नायक की सेहत सुधरने लगती है और दोनों की ज़िंदगी समृद्ध हो जाती है। इस बीच नायिका का पूर्व मंगेतर, जो उसके गुणों से वंचित रह जाता है, कुछ भी हासिल नहीं कर पाता, जबकि चचेरी बहन का अंजाम पहले से भी बदतर हो जाता है।
नायिका, एक सीईओ की पत्नी, अपनी खास खुशबू के कारण ईर्ष्या में अपनी चचेरी बहन द्वारा मार दी जाती है, लेकिन अपने विवाह के दिन ही उसे दूसरा जीवन मिल जाता है। चचेरी बहन के दबाव में वह दूल्हा बदलकर बीमार नायक से शादी कर लेती है। हैरानी की बात यह है कि शादी के बाद नायक की सेहत सुधरने लगती है और दोनों की ज़िंदगी समृद्ध हो जाती है। इस बीच नायिका का पूर्व मंगेतर, जो उसके गुणों से वंचित रह जाता है, कुछ भी हासिल नहीं कर पाता, जबकि चचेरी बहन का अंजाम पहले से भी बदतर हो जाता है।