लापता बेटा बना उद्योगपति 15
2005 में नायिका के चार बच्चों में से तीन का अपहरण हो गया, जब वह अपने सबसे छोटे बेटे को गोद में लिए बाजार में सामान बेच रही थी। इस हादसे में उसका छोटा बेटा घायल होकर मानसिक रूप से कमजोर हो गया।बीस साल तक नायिका ने अकेले ही उसकी परवरिश की और लगातार अपमान व मुश्किलों का सामना किया। एक घटना के बाद एक शक्तिशाली सीईओ नायक सामने आता है और पता चलता है कि वही उसका वर्षों से खोया बड़ा बेटा है।जब भाई-बहन फिर से मिलते हैं, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आता है—उनके अपने रिश्तेदारों ने ही बच्चों के अपहरण की साजिश रची थी। व्यापारिक दुश्मनों और पारिवारिक विश्वासघात के बीच यह परिवार सच उजागर करने के लिए एकजुट हो जाता है और आखिरकार सच्चा मिलन हासिल करता है।
2005 में नायिका के चार बच्चों में से तीन का अपहरण हो गया, जब वह अपने सबसे छोटे बेटे को गोद में लिए बाजार में सामान बेच रही थी। इस हादसे में उसका छोटा बेटा घायल होकर मानसिक रूप से कमजोर हो गया।बीस साल तक नायिका ने अकेले ही उसकी परवरिश की और लगातार अपमान व मुश्किलों का सामना किया। एक घटना के बाद एक शक्तिशाली सीईओ नायक सामने आता है और पता चलता है कि वही उसका वर्षों से खोया बड़ा बेटा है।जब भाई-बहन फिर से मिलते हैं, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आता है—उनके अपने रिश्तेदारों ने ही बच्चों के अपहरण की साजिश रची थी। व्यापारिक दुश्मनों और पारिवारिक विश्वासघात के बीच यह परिवार सच उजागर करने के लिए एकजुट हो जाता है और आखिरकार सच्चा मिलन हासिल करता है।