सुनसान टापू पर सौतेली माँ 12
जहाज डूबने के बाद नायक और उसकी गर्लफ्रेंड की सौतेली मां एक सुनसान द्वीप पर फंस जाते हैं। शुरुआत में उनके बीच तनाव रहता है, लेकिन जिंदा रहने के लिए उन्हें एक-दूसरे पर निर्भर होना पड़ता है। दूसरे बचे लोगों के साथ जुड़ने पर कैंप का नेता तानाशाह बन जाता है और दोनों को झूठे आरोप लगाकर बाहर निकाल देता है। नायक और महिला अपना अलग कैंप बनाते हैं, लेकिन नए भगोड़ों के आने से संकट गहरा जाता है। आखिरकार एक साथी के बलिदान और बाहरी मदद से खलनायकों को सजा मिलती है और बचे हुए लोगों की जान बच जाती है।
जहाज डूबने के बाद नायक और उसकी गर्लफ्रेंड की सौतेली मां एक सुनसान द्वीप पर फंस जाते हैं। शुरुआत में उनके बीच तनाव रहता है, लेकिन जिंदा रहने के लिए उन्हें एक-दूसरे पर निर्भर होना पड़ता है। दूसरे बचे लोगों के साथ जुड़ने पर कैंप का नेता तानाशाह बन जाता है और दोनों को झूठे आरोप लगाकर बाहर निकाल देता है। नायक और महिला अपना अलग कैंप बनाते हैं, लेकिन नए भगोड़ों के आने से संकट गहरा जाता है। आखिरकार एक साथी के बलिदान और बाहरी मदद से खलनायकों को सजा मिलती है और बचे हुए लोगों की जान बच जाती है।