अपनी रोशनी देकर उसे बचाया 21
एक हादसे में नायिका की एक रात अंधे माफिया बॉस नायक के साथ गुजरती है और वह उसके बच्चे की माँ बन जाती है। गलतफहमी के कारण नायक उसे छोड़ देता है। अपनी माँ के इलाज के लिए नायिका को अपनी आँखों की कॉर्निया तक देने की नौबत आ जाती है, जो आखिरकार नायक के पास पहुँचती है। बाद में नायक उसे उसके अत्याचारी दत्तक पिता से बचाता है। नायिका मजबूत बनकर उसकी रक्षा करती है, सारी गलतफहमियाँ दूर होती हैं और दोनों शादी कर लेते हैं।
एक हादसे में नायिका की एक रात अंधे माफिया बॉस नायक के साथ गुजरती है और वह उसके बच्चे की माँ बन जाती है। गलतफहमी के कारण नायक उसे छोड़ देता है। अपनी माँ के इलाज के लिए नायिका को अपनी आँखों की कॉर्निया तक देने की नौबत आ जाती है, जो आखिरकार नायक के पास पहुँचती है। बाद में नायक उसे उसके अत्याचारी दत्तक पिता से बचाता है। नायिका मजबूत बनकर उसकी रक्षा करती है, सारी गलतफहमियाँ दूर होती हैं और दोनों शादी कर लेते हैं।