अब मेरी बारी 34
पति और उसकी प्रेमिका की बेरुखी से जान गंवाने के बाद नायिका पाँच साल पहले अपने अतीत में लौट आती है। इस बार वह कमज़ोर बनने के बजाय अपनी बुद्धि और दूरदर्शिता से दुश्मनों की हर चाल नाकाम करती है। नायक के साथ मिलकर वह अपना साम्राज्य खड़ा करती है, गुनहगारों को बेनकाब करती है और अपना सम्मान, शक्ति तथा ज़िंदगी दोबारा हासिल कर लेती है।
पति और उसकी प्रेमिका की बेरुखी से जान गंवाने के बाद नायिका पाँच साल पहले अपने अतीत में लौट आती है। इस बार वह कमज़ोर बनने के बजाय अपनी बुद्धि और दूरदर्शिता से दुश्मनों की हर चाल नाकाम करती है। नायक के साथ मिलकर वह अपना साम्राज्य खड़ा करती है, गुनहगारों को बेनकाब करती है और अपना सम्मान, शक्ति तथा ज़िंदगी दोबारा हासिल कर लेती है।