अलविदा, लूज़र 04
सात साल की शादी के बाद, नायिका आखिरकार नायक को तलाक देने का फैसला करती है। इतने सालों तक उसने इस रिश्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन बदले में उसे सिर्फ ठंडा व्यवहार, अपमान और धोखा ही मिला।शुरुआत में नायिका पहली नजर में ही नायक से प्यार करने लगी थी और पूरी ईमानदारी से इस रिश्ते को निभाने की कोशिश करती रही। लेकिन समय के साथ नायक का दिल और दूर होता गया। यहाँ तक कि एक दुर्घटना के बाद भी उसने नायिका की परवाह नहीं की और अपनी पुरानी प्रेमिका के साथ उसे जानबूझकर अपमानित करता रहा।लगातार दर्द और अपमान सहते-सहते नायिका आखिरकार थक जाती है। वह समझ जाती है कि इस रिश्ते में सिर्फ चोट ही है, प्यार नहीं। इसलिए वह सब कुछ छोड़कर आगे बढ़ने का फैसला करती है—और इस बार पीछे मुड़कर देखने का इरादा नहीं रखती।
सात साल की शादी के बाद, नायिका आखिरकार नायक को तलाक देने का फैसला करती है। इतने सालों तक उसने इस रिश्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन बदले में उसे सिर्फ ठंडा व्यवहार, अपमान और धोखा ही मिला।शुरुआत में नायिका पहली नजर में ही नायक से प्यार करने लगी थी और पूरी ईमानदारी से इस रिश्ते को निभाने की कोशिश करती रही। लेकिन समय के साथ नायक का दिल और दूर होता गया। यहाँ तक कि एक दुर्घटना के बाद भी उसने नायिका की परवाह नहीं की और अपनी पुरानी प्रेमिका के साथ उसे जानबूझकर अपमानित करता रहा।लगातार दर्द और अपमान सहते-सहते नायिका आखिरकार थक जाती है। वह समझ जाती है कि इस रिश्ते में सिर्फ चोट ही है, प्यार नहीं। इसलिए वह सब कुछ छोड़कर आगे बढ़ने का फैसला करती है—और इस बार पीछे मुड़कर देखने का इरादा नहीं रखती।