गांव की छोरी, शहर का डॉन 22
गांव में पली-बढ़ी नायिका अपनी बीमार दादी के इलाज के लिए पिता से पैसे मांगने ज्रुलैंड जाती है। ट्रेन में उसकी मुलाकात घायल गैंग लीडर नायक से होती है, जिसे दुश्मनों ने बुरी तरह घायल कर दिया था। नायिका उसकी मरहम-पट्टी कर जान बचाती है और नायक पहली नजर में ही उस पर फिदा हो जाता है। ज्रुलैंड पहुंचते ही वह नायिका का दिल जीतने के लिए पूरी ताकत लगा देता है।
गांव में पली-बढ़ी नायिका अपनी बीमार दादी के इलाज के लिए पिता से पैसे मांगने ज्रुलैंड जाती है। ट्रेन में उसकी मुलाकात घायल गैंग लीडर नायक से होती है, जिसे दुश्मनों ने बुरी तरह घायल कर दिया था। नायिका उसकी मरहम-पट्टी कर जान बचाती है और नायक पहली नजर में ही उस पर फिदा हो जाता है। ज्रुलैंड पहुंचते ही वह नायिका का दिल जीतने के लिए पूरी ताकत लगा देता है।