जख्मी सैनिक, दिलरुबा बॉडीगार्ड 40
एक सम्मानित सैनिक अपनी बहन को बचाने घर लौटता है, लेकिन उसे पता चलता है कि उसकी माँ मर चुकी है और बहन को सर्जरी के लिए बड़ी रकम चाहिए। पैसे जुटाने के लिए वह एक सख्त और ठंडी CEO का बॉडीगार्ड बनता है। जानलेवा हमलों और दुश्मनों से उसकी रक्षा करते-करते दोनों करीब आने लगते हैं। आखिरकार नायक न सिर्फ अपनी बहन को बचाता है, बल्कि नया परिवार और प्यार भी पा लेता है।
एक सम्मानित सैनिक अपनी बहन को बचाने घर लौटता है, लेकिन उसे पता चलता है कि उसकी माँ मर चुकी है और बहन को सर्जरी के लिए बड़ी रकम चाहिए। पैसे जुटाने के लिए वह एक सख्त और ठंडी CEO का बॉडीगार्ड बनता है। जानलेवा हमलों और दुश्मनों से उसकी रक्षा करते-करते दोनों करीब आने लगते हैं। आखिरकार नायक न सिर्फ अपनी बहन को बचाता है, बल्कि नया परिवार और प्यार भी पा लेता है।