जुड़वाँ बच्चों का राज़ 02
जन्मचिह्न के कारण ठुकराई गई नायिका की मुलाकात श्रापित नायक से होती है, जिसे केवल वही बचा सकती है। हालात उन्हें अलग कर देते हैं और वर्षों बाद नायिका अपनी बेटियों की तलाश में लौटती है। इस बीच झूठ और साज़िशें नायक को उसके खिलाफ कर देती हैं। लेकिन सच सामने आने पर दोनों मिलकर दुश्मनों का सामना करते हैं, अपनी बेटियों को बचाते हैं और अंततः अपने बिछड़े परिवार व सच्चे प्रेम को फिर से पा लेते हैं।
जन्मचिह्न के कारण ठुकराई गई नायिका की मुलाकात श्रापित नायक से होती है, जिसे केवल वही बचा सकती है। हालात उन्हें अलग कर देते हैं और वर्षों बाद नायिका अपनी बेटियों की तलाश में लौटती है। इस बीच झूठ और साज़िशें नायक को उसके खिलाफ कर देती हैं। लेकिन सच सामने आने पर दोनों मिलकर दुश्मनों का सामना करते हैं, अपनी बेटियों को बचाते हैं और अंततः अपने बिछड़े परिवार व सच्चे प्रेम को फिर से पा लेते हैं।