बेटी के लिए बाप का कहर 04
दस साल की जंग जीतकर लौटा सेनापति नायक देखता है कि उसकी अपनी बेटी को उसकी गोद ली हुई बेटी ने बदलकर साजिश में फंसा दिया है। गुस्से में वह पहले अपने ही घर के गद्दारों का सफाया करता है, फिर दरबार तक पहुंचकर इस षड्यंत्र की असली जड़ खोजता है। जल्द ही राजा की विश्वासघाती साजिश सामने आती है और नायक अपनी बेटी के लिए पूरे साम्राज्य को हिला देता है।
दस साल की जंग जीतकर लौटा सेनापति नायक देखता है कि उसकी अपनी बेटी को उसकी गोद ली हुई बेटी ने बदलकर साजिश में फंसा दिया है। गुस्से में वह पहले अपने ही घर के गद्दारों का सफाया करता है, फिर दरबार तक पहुंचकर इस षड्यंत्र की असली जड़ खोजता है। जल्द ही राजा की विश्वासघाती साजिश सामने आती है और नायक अपनी बेटी के लिए पूरे साम्राज्य को हिला देता है।