मेरी बेटी , मेरी शान 06
नायिका को बीस साल प्यार से पालने के बाद, जब वह अपने असली माता-पिता के पास जाती है, तो उसे केवल अपमान और यातनाएँ मिलती हैं। लालच और झूठ के बीच वह टूट जाती है। तभी नायक की दमदार वापसी होती है। वह सच्चाई उजागर करता है, गद्दारों को सज़ा दिलाता है और नायिका को उसका हक़ वापस दिलाता है। इस बार, जो भी उसकी बेटी को छुएगा, अंजाम से नहीं बचेगा।
नायिका को बीस साल प्यार से पालने के बाद, जब वह अपने असली माता-पिता के पास जाती है, तो उसे केवल अपमान और यातनाएँ मिलती हैं। लालच और झूठ के बीच वह टूट जाती है। तभी नायक की दमदार वापसी होती है। वह सच्चाई उजागर करता है, गद्दारों को सज़ा दिलाता है और नायिका को उसका हक़ वापस दिलाता है। इस बार, जो भी उसकी बेटी को छुएगा, अंजाम से नहीं बचेगा।