राजकुमार की शापित दुल्हन 29
इक्कीसवीं सदी की एक फोरेंसिक विशेषज्ञ अमेलिया, समय के चक्र में पीछे जाकर प्राचीन काल के एक ऐसे महामंत्री की बेटी बन गई, जिसका सिर कलम किया जाने वाला था। मगर उसने अपने असाधारण शव-परीक्षण कौशल के दम पर मौके पर ही पासा पलट दिया। एक मामूली सौदे से शुरू होकर, वह एडवर्ड नाम के एक निष्ठुर राजकुमार के साथ उलझती चली गई। उसने अपनी मक्कार सौतेली बहन का सामना किया, राजमहल के षड्यंत्रों का पर्दाफाश किया और फूँक-फूँक कर कदम बढ़ाते हुए अपनी माँ की मौत की जाँच की।
जब वह आख़िरकार एक ऊँचे मुकाम पर पहुँची, तब उसे पता चला कि उसके शापित वंश ने उसे अपने प्यार और अपनी जान में से किसी एक को चुनने के दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है। अपनी इस नियति को बदलने के लिए, वह और एडवर्ड 'चार साम्राज्यों का प्राचीन ग्रंथ' के रहस्य को सुलझाने के एक बेहद जोखिम भरे सफर पर निकल पड़े। कुल-मंदिर में, स्फटिक के ताबूत में लेटे पूर्वज ने उसकी ओर हाथ बढ़ाया। क्या वह किसी और के लिए अपने प्राणों का सौदा करेगी, या फिर हमेशा के लिए वहीं कैद होकर रह जाएगी? किस्मत के खिलाफ इस आख़िरी दांव में, क्या वह अपने पति, अपने बच्चे और खुद की रक्षा कर पाएगी?
इक्कीसवीं सदी की एक फोरेंसिक विशेषज्ञ अमेलिया, समय के चक्र में पीछे जाकर प्राचीन काल के एक ऐसे महामंत्री की बेटी बन गई, जिसका सिर कलम किया जाने वाला था। मगर उसने अपने असाधारण शव-परीक्षण कौशल के दम पर मौके पर ही पासा पलट दिया। एक मामूली सौदे से शुरू होकर, वह एडवर्ड नाम के एक निष्ठुर राजकुमार के साथ उलझती चली गई। उसने अपनी मक्कार सौतेली बहन का सामना किया, राजमहल के षड्यंत्रों का पर्दाफाश किया और फूँक-फूँक कर कदम बढ़ाते हुए अपनी माँ की मौत की जाँच की।
जब वह आख़िरकार एक ऊँचे मुकाम पर पहुँची, तब उसे पता चला कि उसके शापित वंश ने उसे अपने प्यार और अपनी जान में से किसी एक को चुनने के दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है। अपनी इस नियति को बदलने के लिए, वह और एडवर्ड 'चार साम्राज्यों का प्राचीन ग्रंथ' के रहस्य को सुलझाने के एक बेहद जोखिम भरे सफर पर निकल पड़े। कुल-मंदिर में, स्फटिक के ताबूत में लेटे पूर्वज ने उसकी ओर हाथ बढ़ाया। क्या वह किसी और के लिए अपने प्राणों का सौदा करेगी, या फिर हमेशा के लिए वहीं कैद होकर रह जाएगी? किस्मत के खिलाफ इस आख़िरी दांव में, क्या वह अपने पति, अपने बच्चे और खुद की रक्षा कर पाएगी?